मंगलवार, ७ अप्रैल २००९

स्वरचित गाना

इस गाने का लिखा भी मैंने है, संगीत भी खुद दिया है और गाया भी खुद है। बस बीट्स कहीं और से ली हैं। एक बार ज़रूर सुनें


(no title) -

सोमवार, १ दिसम्बर २००८

आग लगी है खटिया में फिर भी चादर ओढ़कर सो रहे हैं


बोलते चिट्ठे का पहला कार्यक्रम

शनिवार, २२ नवम्बर २००८

क्या होगा बोलते चिट्ठे में?


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शुक्रवार, २१ नवम्बर २००८

इसके लिए वक्त को ज़िम्मेदार कहें...


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